2,00,000/- (दो लाख रूपये) का इनामी नक्सली रत्तू उर्फ अमृत दुग्गा, सदस्य प्लाटून न0 23 का आत्मसमर्पण

2,00,000/- (दो लाख रूपये) का इनामी नक्सली रत्तू उर्फ अमृत दुग्गा, सदस्य प्लाटून न0 23 का आत्मसमर्पण
        राजनांदगांव कांकेर बॉर्डर डिवीजन कमेटी अन्तर्गत राजनांदगांव तथा कांकेर में सक्रिय नक्सलियों के प्लाटून न0 23 सदस्य रत्तू उर्फ अमृत दुग्गा पिता स्व0 श्री दसरू राम दुग्गा ग्राम पदभर्री थाना खड़गांव जिला राजनांदगांव (छ0ग0) ने आज पुलिस अधीक्षक राजनांदगांव श्री सुन्दरराज पी. के समक्ष आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्य धारा में जुड़ने का संकल्प लिया।
        आत्मसमर्पित नक्सली रत्तू उर्फ अमृत दुग्गा ने बताया कि ग्राम पदभर्री मे पिता जी के नाम से 25 एकड़ जमीन खेत है जिसे छः भाई खेती किसानी का काम कर रहे थे। वर्ष 2009 के गर्मी के दिनों मे पल्लेमाड़ी एलओएस के सदस्य रात्रि में गांव में आये और नाचगान के बाद नक्सलियों द्वारा इसे दलम मे शामिल होने तथा जनता के हक के लड़ाई के लिये भर्ती होने के लिये बोले। तब अमृत दुग्गा उनके साथ पल्लेमाड़ी जंगल चला गया। वर्ष 2009 से वर्ष 2010 तक पल्लेमाड़ी एलओएस सदस्य बनाया गया। वर्ष 2010-11 में मदनवाड़ा एलओएस में रहकर कार्य किया। वर्ष 2011 के अन्त में मानपुर डीव्हीसी विजय रेड्डी द्वारा इस प्लाटून न0 23 में भेजने का निर्णय लिया गया और प्लाटून न0 23 का सदस्य बनाया गया और एसएलआर रायफल दिया गया तब से लगातार मानपुर, मोहला, कोहका क्षेत्रान्तर्गत कार्य करता रहा।
        रत्तू उर्फ अमृत दुग्गा ने बताया कि आन्ध्र प्रदेश के नक्सली नेताओ द्वारा स्थानीय नक्सली कैडरो को छोटी-छोटी बातो को लेकर अपमानित करने व भेदभाव करने तथा नक्सलियों कथनी एवं करनी में अंतर देख कर उसका मन नक्सली विचारधारा से भी विचलित हो गया। मानपुर डीव्हीसी विजय रेड्डी द्वारा वनांचल क्षेत्र में रोड़ निर्माण कार्य में लगे वाहन को जलाने की घटना करने के लिये मजबूर किये जो आदिवासी जनता एवं क्षेत्र विकास के हित में नही था तथा पुलिस के लगातार सर्चिंग अभियान से बढ़ते दबाव एवं न पुलिस कैम्प की स्थापना के कारण रहने बसने व खाना पीना की बहुत ज्यादा तकलीफ होने के कारण शासन के पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर आत्मसमर्पित होकर समाज की मुख्य धारा में शामिल होने का फैसला किया और नक्सली संगठन को छोड़कर पुलिस से सम्पर्क कर आत्मसमर्पण कर दिया। जिला पुलिस बल एवं आईटीबीपी के द्वारा इनके समर्पण हेतु लगातार प्रयास किये जा रहे थे। आत्मसमर्पित नक्सली रत्तू उर्फ अमृत दुग्गा के ऊपर छत्तसगढ़ शासन द्वारा 2,00,000/- रूपये का ईनाम घोषित है।
        पुलिस महानिरीक्षक, दुर्ग क्षेत्र दुर्ग श्री प्रदीप गुप्ता, महानिरीक्षक आईटीबीपी श्री संजीव रैना एवं पुलिस अधीक्षक राजनांदगांव श्री सुन्दरराज पी0 ने नक्सली संगठन से जुड़े युवक एवं युवतियों से आव्हान किया कि वे नक्सल छोड़कर राष्ट्र की मुख्य धारा में जुड़े एवं छत्तीसगढ़ शासन की पुनर्वास नीति के तहत सरकार नौकरी, निःशुल्क मकान, कृषि भूमि का आबंटन, बैंक से ऋण अनुदान एवं स्वरोजगार हेतु प्रशिक्षण का लाभ लेते हुये समाज में सम्मान से जीवनयापन करने। राजनांदगांव पुलिस द्वारा नक्सलियों को आत्मसमर्पण कराने की दिशा में लगातार प्रयास किये जा रहे है। जिले में सक्रिय नक्सलियों से विभिन्न माध्यमों से सम्पर्क स्थापित कर उन्हे भी समाज की मुख्यधारा में लाने का प्रयास किया जा रहा है तथा भविष्य में और भी नक्सलियों के आत्मसमर्पण करने की संभावना है।
 

District: 
Rajnandgaon
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