बलौदाबाजार- पति ही निकला हत्या का आरोपी

बलौदाबाजार- (सिटीकोतवाली)

थाना अंतर्गत ग्राम लच्छनपुर में गत दिवस घटित अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में बलौदाबाजार पुलिस ने सफलता हासिल की। कालिन्द्रीबाई का हत्यारा उसके पति अमृतलाल जांगड़े ही निकला। पुलिस ने विवेचना के पश्चात आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। सिटीकोतवाली प्रभारी सुभाष दास ने बताया कि 12 जून को ग्राम लच्छनपुर के अमृतलाल जांगड़ें ने चाौकी करहीबाजार आकर रिपोर्ट दर्ज करायी उसकी पत्नि कालिन्द्रीबाई बीमारी से ग्रसित थी जो रात्रि 03 बजे घर के अंदर मिट्टी तेल डालकर आत्महत्या कर ली है। अमृतलाल की रिपोर्ट पर मौके पर जाकर पुलिस द्वारा मृतका के शव का पंचनामा कार्रवाई की गयी। घटनास्थल को देखने, अन्य कमरे में मिट्टी तेल फैले होने, मृतका के पैर में स्लीपर चप्पल एवं आसपास के सामान नहीं जलने के चलते हत्या की आशंका व्यक्त की जा रही थी। जांच के दौरान मृतका को जलाकर मारने के साक्ष्य उपलब्ध होने पर अज्ञात व्यक्ति के विरूद्ध धारा 302, 201 भादवि का अपराध पंजीबद्ध किया गया था। जांच के दौरान पाया कि मृतका अमृतलाल की विवाहिता पत्नि थी। 12 वर्ष पहले ग्राम भैंसा से विवाह कर लाया था जिसके तरफ से 02 बच्चे थे। बाद में कालिन्द्री बाई की बहन को भी 02 वर्ष पहले पत्नि बनाकर लाया था। जिसके तरफ से एक बच्चा भी है दो पत्नि होने के कारण पारिवारिक क्लेश भी बढ़ गया था तथा मृतका की तबियत भी खराब होने के कारण ईलाज में अमृतलाल का काफी खर्च हो रहा था। अमृतलाल मृतका कालिन्द्री बाई तथा पुत्र आर्यन एवं आदित्य को अलग कर दिया था। अमृतलाल अपनी दूसरी पत्नि के साथ खाता-पीता था। इसी दौरान कालिन्द्रीबाई का संबंध देवेन्द्र के साथ हो गया। मृतका कालिन्द्रीबाई बार-बार अपने पति को कहती थी कि मुझे देवेन्द्र के घर पहुंचा दो। घटना के दिन भी कालिन्द्रीबाई जब अपने पति के साथ सोई थी तो भी अपने पति से इस बात को बोली। उसकी बात से पति नाराज होकर कालिन्द्री बाई का गला दबाकर हत्या कर दी। दूसरे कमरे में लाकर माचिस मारकर आग लगा दी और आग लगाने के बाद आकर सो गया। जब मृतका के लड़के आदित्य और आर्यन ने आग एवं धुआं देखा तो अपने पिता को उठाया और अमृतलाल चिल्लाने लगा ताकि मोहल्ले वाले आ जाये। उसके बाद दो-तीन बाल्टी पानी मृतका के उ्पर डाला तब तक मृतका की मौत हो चुकी थी। उसके बाद सबेरे अमृतलाल थाने में झूठी रिपोर्ट दर्ज करा दिया। अमृतलाल ने पुलिस द्वारा इकमा तमली द्वारा पूछताछ करने पर उसने अपरा अपराध कबूल किया। अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बी. पी. राजभानू, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक  विमल बैस एवं अनुविभागीय अध्किारी पुलिस एस.एस. शर्मा, थाना प्रभारी सुभाषदास, उपनिरीक्षक राजेश साहू, सहा0 उपनिरीक्षक आर.एन. चन्द्रवंशी एवं आरक्षक मुकेश दीवान का योगदान रहा।

District: 
Baloda Bazar